प्राथमिक शिक्षकों के लिये आयोजित सेवाकालीन प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन
की शुरुआत संसाधक शिक्षक श्रीमती पाठक द्वारा मुख्यातिथि उपायुक्त महोदय श्री जे
ऍम रावत व अन्य अतिथियो के स्वागत साथ हुई
| तदुपरान्त शिविर का विधिवत उद्घाटन
मुख्यातिथि उपायुक्त महोदय श्री जे
ऍम रावत द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया | इसके बाद हम सभी ने एक सुन्दर
प्रार्थना “इतनी शक्ति हमे देना दाता.....” के माध्यम से ईश्वर को स्मरण किया |
तत्पश्चात प्राचार्या व प्रशिक्षण निदेशिका
डॉक्टर संध्या शर्मा ने उपायुक्त महोदय श्री जे ऍम रावत , सहायक आयुक्त श्री एम्
कुलश्रेठ व् सहायक आयुक्त श्री जे एस संधू का स्वागत किया |उन्होंने इस प्रशिक्षण
शिविर के दौरान प्राप्त किये जाने वाले लक्ष्यों व् मुख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डाला
| उन्होंने बताया की ‘सीखना’ एक जीवंत पर्यंत प्रक्रिया है | इसके बाद उपायुक्त महोदय को प्रतिभागियों
के मार्गदर्शन के लिये मंच पर आमंत्रित किया गया | उन्होंने बताया की किस प्रकार
अध्यापक के लिये विद्याथियों के प्रति स्नेहपूर्ण व्यव्हार आवश्यक है | उन्होंने
अध्यापको को भी मुस्कुराते रहने के लिये
प्रेरित किया| इसके अतितिक्त उन्होंने अध्यापको को समय के साथ नवीनतम जानकारी से अद्यतन रहने , शिक्षा में नवाचार व्
क्रिया कलाप आधारित शिक्षण पर बल दिया |
निश्चित रूप से उन्होंने अपनी वाक् कला के द्वारा हम सभी को प्रभावित किया | इसके
बाद श्रीमती बलजीत कौर ने अपने धन्यवाद प्रस्ताव में मुख्यातिथि व् अन्य अतिथियो
का धन्यवाद किया | धन्यवाद प्रस्ताव के बाद हम
सभी ने चाय पान के लिये प्रस्थान किया | चाय पान उपरांत एक फॉर्म भरने के लिये दिया गया जिसके द्वारा प्रशिक्षणार्थियों
से उनकी कुछ जानकारी एकत्रित की गई ।
इसके बाद प्री टेस्ट का आयोजन किया
गया जिसमे सभी प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया | इसके बाद संसाधक शिक्षक श्रीमती नीना शर्मा द्वारा शिविर के दौरान किये जाने
वाले विभिन्न क्रिया कलापों के बिन्दुओं पर प्रकाश डाला | तत्पश्चात प्राचार्या व प्रशिक्षण
निदेशिका डॉक्टर संध्या शर्मा द्वारा कक्षा शिक्षण के दौरान शिक्षक की असफलताओं के
कारणों की विवेचना की गई और उसके निवारण हेतु आवश्यक सुझाव दिये गए । उन्होंने
बदलते परिवेश में शिक्षकों को अपने आप को बदलने का आह्वान किया | उन्होंने
विद्याथियों द्वारा अंग्रेजी भाषा में सुगम वार्तालाप न कर पाने पर चिंता प्रकट की
व इसके उपाय खोजने पर बल दिया | इसके बाद बाद हम सभी ने स्वादिष्ट भोजन का आनंद
लिया । भोजनकाल के बाद श्रीमती पाठक द्वारा प्रतिभागियों को दो गाने सिखाए | दोनों ही गाने “ जुगनू भाई
...जुगनू भाई ....” व “ रोता कोई मिल गया तो बोलो क्या करोगे ....” अत्यंत रुचिकर
लगे | ऐसे गानों के माध्यम से हम अपने शिक्षण को और अधिक प्रभावी व् रुचिकर बना
सकेंगे | इसके बाद ग्रुप १ के द्वारा अगले दिन की
प्रातः कालीन सभा की तैयारी की गई व ग्रुप २ द्वारा डिस्प्ले बोर्ड की
साज-सज्जा की गई | इस प्रकार इस प्रक्षिक्षण शिविर के पहले दिन के क्रिया कलापों
की समाप्ति हो गई | चायपान के बाद हम सभी ने अपने गन्तवय के लिये प्रस्थान किया
Wednesday, 20 May 2015
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